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Religion

Place to discuss and debate religion, in a civil way.

Vishwajeet Kumar , A social- political activist for social- poli Oct, 27 2016

आज की आवाज


छत्तीसगढ़ में जगदलपुर कम्युनिस्ट पार्टी के औफिस पर हुये हमले की पुरजोर निन्दा करते हुए... जागो देशवासियों जागो, ये संघी लोग अपने देश के कानून, संविधान सभी को तहस नहस कर अपनी चाहतों - उद्देश्यों का हीं नियम - कानून बना रहे हैं। इनकी हीं सरकार है इनकी हीं कानून व्यवस्था फिर भी ऐसा उत्पात क्यों मचाते हैं ? इस सरकारी पार्टी को अपनी हीं सरकार और कानून व्यवस्था पर इन्हें कहां विश्वास है? या फिर यह तोड़- फोड़ करने का अधिकार इन्हे किसने दिया? ये कैसी संस्कृति है? ये कैसे राम भक्त हैं? ये कैसे देशभक्त हैं ? यह हर बार जाहिर हुआ है कि ये इंशान को आतताई, बहसी, अवैज्ञानिक और अमानवीय बनाकर केवल तोड़- फोड़, मार - काट और दंगा- फसाद हीं मचाये हैं। अहिंसा के पुजारी और आजादी आंदोलन के महान नेता गांधी, गणेशशंकर विद्यार्थी, कम्युनिस्ट नेता कृष्णा देशाई, गोविंद पान्सरे, वुद्धिवादी - तर्कवादी नरेंद्र दाभोलकर, एम. एम. कलबुर्गी, विश्वविद्यालय शिक्षक सबरवाल आदि सैंकड़ों महत्वपूर्ण लोगों की हत्या, मश्जीद तोडना, गुजरात - मुजफ्फरनगर आदि सैंकड़ों दंगे करवाना, HCU - JNU - ECU- PCU - IIT जैसे विश्वविद्यालयों पर हमला करना, रोहित वेमूला, अखलाक, मिन्हाज आदि सैंकड़ों दलित- अल्पसंख्यक नौजवानों की हत्या करवाना आदि हीं तो इनका काम रहा है। इनमें और ईसलामी फिरकापरस्त - दहसतगर्द ताकतों में कहाँ कोई अंतर है। और जब से इनकी विभिन्न राज्यों एवं देश में सरकार बनी है तब से इनके नजर में अब तो इनकी हीं कानून है, इनकी हीं न्यायालय है, ये हीं पुलिस हैं और ये जो चाहें सो कर सकते हैं। तब हीं हम कह रहे हैं सावधान देश, देश का संविधान, देश की हरेक जनता चाहे वह दलित हो, गैर दलित हो, अल्पसंख्यक हो, आदिवासी हो, महिला हो, छात्र हो, नौजवान हो सभी का स्वतंत्र सोच, व्यवहार, चाहत, जरुरतें, मांगे, अधिकार सब खतरे मे है और आप जब इनके सोच और व्यवहार से असहमति रखते हैैं तो आपको देशद्रोही घोषित कर, आपको मारना, जला देना इनका अधिकार हो गया है। देशवासियों जागो, हम इनके कानून को नहीं मानते। हम अपने देश के संविधान और अपने देश के गौरवशाली संघर्ष और उपलब्धियों की परंपरा को मानते हैं जो हमें अन्याय के खिलाफ लडने की प्रेरणा देती है। इसलिए अपने देश को बचाने के लिए आगे बढें और वैसी विध्वंसक विचारधारा और संगठनों के खातमें का संखनाद करें।
छत्तीसगढ़ में जगदलपुर कम्युनिस्ट पार्टी के औफिस पर हुये हमले की पुरजोर निन्दा करते हुए... जागो देशवासियों जागो, ये संघी लोग अपने देश के कानून, संविधान सभी को तहस नहस कर अपनी चाहतों - उद्देश्यों का हीं नियम - कानून बना रहे हैं। इनकी हीं सरकार है इनकी हीं कानून व्यवस्था फिर भी ऐसा उत्पात क्यों मचाते हैं ? इस सरकारी पार्टी को अपनी हीं सरकार और कानून व्यवस्था पर इन्हें कहां विश्वास है? या फिर यह तोड़- फोड़ करने का अधिकार इन्हे किसने दिया? ये कैसी संस्कृति है? ये कैसे राम भक्त हैं? ये कैसे देशभक्त हैं ? यह हर बार जाहिर हुआ है कि ये इंशान को आतताई, बहसी, अवैज्ञानिक और अमानवीय बनाकर केवल तोड़- फोड़, मार - काट और दंगा- फसाद हीं मचाये हैं। अहिंसा के पुजारी और आजादी आंदोलन के महान नेता गांधी, गणेशशंकर विद्यार्थी, कम्युनिस्ट नेता कृष्णा देशाई, गोविंद पान्सरे, वुद्धिवादी - तर्कवादी नरेंद्र दाभोलकर, एम. एम. कलबुर्गी, विश्वविद्यालय शिक्षक सबरवाल आदि सैंकड़ों महत्वपूर्ण लोगों की हत्या, मश्जीद तोडना, गुजरात - मुजफ्फरनगर आदि सैंकड़ों दंगे करवाना, HCU - JNU - ECU- PCU - IIT जैसे विश्वविद्यालयों पर हमला करना, रोहित वेमूला, अखलाक, मिन्हाज आदि सैंकड़ों दलित- अल्पसंख्यक नौजवानों की हत्या करवाना आदि हीं तो इनका काम रहा है। इनमें और ईसलामी फिरकापरस्त - दहसतगर्द ताकतों में कहाँ कोई अंतर है। और जब से इनकी विभिन्न राज्यों एवं देश में सरकार बनी है तब से इनके नजर में अब तो इनकी हीं कानून है, इनकी हीं न्यायालय है, ये हीं पुलिस हैं और ये जो चाहें सो कर सकते हैं। तब हीं हम कह रहे हैं सावधान देश, देश का संविधान, देश की हरेक जनता चाहे वह दलित हो, गैर दलित हो, अल्पसंख्यक हो, आदिवासी हो, महिला हो, छात्र हो, नौजवान हो सभी का स्वतंत्र सोच, व्यवहार, चाहत, जरुरतें, मांगे, अधिकार सब खतरे मे है और आप जब इनके सोच और व्यवहार से असहमति रखते हैैं तो आपको देशद्रोही घोषित कर, आपको मारना, जला देना इनका अधिकार हो गया है। देशवासियों जागो, हम इनके कानून को नहीं मानते। हम अपने देश के संविधान और अपने देश के गौरवशाली संघर्ष और उपलब्धियों की परंपरा को मानते हैं जो हमें अन्याय के खिलाफ लडने की प्रेरणा देती है। इसलिए अपने देश को बचाने के लिए आगे बढें और वैसी विध्वंसक विचारधारा और संगठनों के खातमें का संखनाद करें।

Rajshekhar , student at BITS goa. I am here to learn. Oct, 28 2016


Vishwajeet Kumar you did not respond to opinion last time, so I will ask again.

I have no political ideology bias as I am still learning. But tell me one thing, BJP you say is violent, Congress is corrupt, Communists parties are unpopular and have a notion of leaving everyone poor. How do we go ahead, with Modi we atleast have a bold leadership which will keep things moving.

Vishwajeet Kumar you did not respond to opinion last time, so I will ask again. I have no political ideology bias as I am still learning. But tell me one thing, BJP you say is violent, Congress is corrupt, Communists parties are unpopular and have a notion of leaving everyone poor. How do we go ahea


Vishwajeet Kumar , A social- political activist for social- poli Oct, 28 2016


प्रिय राजशेखर भाई,
सबसे पहले हिन्दी में ही जबाब देने के लिए माफी की प्रार्थना है। सिखने की प्रवृति और निश्पक्षता के व्यवहार के लिए बधाई है।
देखिए साथी में झूठ नहीं बोलूंगा। मैंने बहुत मेहनत से व समझ - बुझ कर कम्युनिस्ट विचार धारा को सही माना है और मैं उसका समर्थक हूँ। पर अंध समर्थक नहीं हूँ और ऐसा नहीं है कि मैं आलोचना और सही बातों को स्वीकार नहीं करुंगा ।
जहाँ तक कम्युनिस्टों के अनपोपुलर होने की बात है उसे स्वीकार करता हूँ। लेकिन मैं यह नहीं समझ पाया कि कम्युनिस्ट गरीब को गरीब और लोगों को और गरीब बनाने की कहाँ और कैसी कारवाई करती है। जहाँ तक मोदी की बात है उनके सभी दल परिवार वालों ने क्या- क्या वादा और प्रचार किया था उसे गौर करें। अच्छे दिन का वादा, महंगाई से मुक्ति, दो करोड युवाओं को प्रति वर्ष रोजगार, 56 इंच की मजबूत सरकार आदि कौन से वातें पुरी हुई है ? हमें गौर करना चाहिए। और उलटे जनता का हाल और कैसा बन गया यह भी सोचना चाहिए।
प्रिय राजशेखर भाई,सबसे पहले हिन्दी में ही जबाब देने के लिए माफी की प्रार्थना है। सिखने की प्रवृति और निश्पक्षता के


Mayank Wadhwani , 4th year student at VIT university. Geek. Col Oct, 28 2016


Communist ideology is Utopian in nature and hence it is tough to achieve. We just don't know how to implement it in totality, and hence it has failed, it needs a scientific solution, I keep talking to many friends about it, they too share the thought but then it ends at how to achieve it in the current world.

I don't support the aggression though which some of the flag bearers of the ideology have.


Vishwajeet Kumar will like to know how do you look at it?
Communist ideology is Utopian in nature and hence it is tough to achieve. We just don't know how to implement it in totality, and hence it has failed, it needs a scientific solution, I keep talking to many friends about it, they too share the thought but then it ends at how to achieve it in the curr


Akshat Rao , Junior Scientist at BARC, Trying Awaremonk. Oct, 28 2016


Yes there is no one ideal answer to India's quest of social reform. Vishwajeet Kumar you point out that there is a oppression against minority class. Lets play around some data to understand what you are saying:

1.)Think India has become more communal under Modi? The numbers will disappoint you Link: Newslaundry And this coming from a left inclined newspaper NewsLaundry.

2.) Muslims safest in India under Modi Govt; riots data speak volumes

3.) No Data Shows Crimes Against Dalits Rise When BJP In Power, this coming from NDTV again a non BJP supporter group.


Yes there is no one ideal answer to India's quest of social reform. Vishwajeet Kumar you point out that there is a oppression against minority class. Lets play around some data to understand what you are saying:1.)Think India has become more communal under Modi? The numbers will disappoint you Link


Rajesh Agarwal , Chief Engineer, Honda Motor Company Oct, 28 2016


Though I don't have a side here as many would expect one to have. But Akshat Rao this is not data this is data mixed with opinion to manufacture clickbait. I can contradict you with :

Communal riots up 17% in 2015 under NDA - The Economic Times

Modi government failed to prevent incidences of communal violence: Amnesty International - Firstpost

Sense of fear among Muslims due to riots: World Sufi Forum to Modi govt | Latest News & Updates at Daily News & Analysis

One cannot really conclude things reading news daily.

Though I don't have a side here as many would expect one to have. But Akshat Rao this is not data this is data mixed with opinion to manufacture clickbait. I can contradict you with :Communal riots up 17% in 2015 under NDA - The Economic TimesModi government failed to prevent incidences of communal


Malik , An engineer turned into a student of conflict Oct, 28 2016


I would not agree with you in completely, but the specific incident you mentioned of chattisgarh is condemn-able. These people who do it are real anti-nationals.Look at what MNS is doing in the name of patriotism, openly breaking laws and beating up people and govt is just a spectator, how are they different from people in Pakistan who are fighting the army, these people are fighting their own people.
I would not agree with you in completely, but the specific incident you mentioned of chattisgarh is condemn-able. These people who do it are real anti-nationals.Look at what MNS is doing in the name of patriotism, openly breaking laws and beating up people and govt is just a spectator, how are they


Nupur Agrawal , On a spiritual journey of solitude. Oct, 28 2016


Vishwajeet Ji, aapki ladai agar BJP se hai to aapki ladai desh ki us janta se bhi hai jinhone unhe vote krke satta me baithaya hai. Aapki ladai desh ke 30% se adhik logon se hai.

Galat kaam ko galat bola jaye atyachar ke khilaf awaaz uthayi jaye magar uske peeche agar mudda rajanaitik ho to us baat ki ahamiyat kaafi kam ho jati hai.

Aapki opinion attyachar ke khilaf aawaz uthane ki kam aur political speech jyada lag rhi hai.

Vishwajeet Ji, aapki ladai agar BJP se hai to aapki ladai desh ki us janta se bhi hai jinhone unhe vote krke satta me baithaya hai. Aapki ladai desh ke 30% se adhik logon se hai.Galat kaam ko galat bola jaye atyachar ke khilaf awaaz uthayi jaye magar uske peeche agar mudda rajanaitik ho to us baat


Mohsin , I am here to engage in meaningful discussions Oct, 28 2016


Sorry for not being able to reply in Hindi, due to my keyboard settings, definitely agree with the last sentence.


Abhishek Sharma , Dreamer, Mechanical engineer @ BITS Pilani Nov, 03 2016


Mohsin you can use google translator and copy paste


Mohsin , I am here to engage in meaningful discussions Nov, 04 2016


Thanks for the tip